क्लिक-टू-WhatsApp विज्ञापन WhatsApp अभियानों से कैसे अलग हैं?

क्लिक-टू-WhatsApp विज्ञापन ग्राहक को बातचीत में लाता है, जबकि WhatsApp अभियान मौजूदा दर्शकों को योग्य संदेश भेजता है।

विज्ञापन किसी उत्पाद संबंधी सवाल वाले व्यक्ति को आपके इनबॉक्स तक ला सकता है। बाद में कोई अभियान उस ग्राहक तक तब पहुँच सकता है, जब वह आवश्यक अनुमति दे चुका हो।

विज्ञापन से शुरू हुई बातचीत के लिए पहले से तैयार जवाब चाहिए

ऐसी बातचीत शुरू करें जो विज्ञापन में किया गया वादा पूरा करे। एक उपयोगी प्रॉम्प्ट तैयार रखें, और ऐसी टीम या असिस्टेंट तय करें जो अपेक्षित अनुरोध संभाल सके।

अभियानों के लिए अनुमति, स्वीकृत टेम्पलेट और जवाब देने वाला ज़िम्मेदार व्यक्ति चाहिए

आपकी मार्केटिंग टीम हर ग्राहक को अभियान में जोड़ने से पहले उसकी अनुमति की पुष्टि करती है। इससे ग्राहकों को ऐसे प्रचार संदेश नहीं जाते जो उन्होंने माँगे नहीं थे। भेजने से पहले संदेश टेम्पलेट को स्वीकृति के लिए Meta को सबमिट करें। अस्वीकृत टेम्पलेट का उपयोग अभियान में नहीं किया जा सकता। जवाबों का उत्तर देने के लिए किसी व्यक्ति या टीम को नियुक्त करें। अभियान ग्राहकों तक अलग-अलग चैट में पहुँचता है।

रेफ़रल डेटा बताता है कि बातचीत किस विज्ञापन से शुरू हुई

जब कोई इंटीग्रेशन विज्ञापन का रेफ़रल डेटा देता है, तो उसे सहेजकर रखें ताकि पता चल सके कि बातचीत किस विज्ञापन से शुरू हुई। इसे वेबसाइट UTM और आंतरिक अभियान पहचानकर्ताओं से अलग रखें। एट्रिब्यूशन रिकॉर्ड को पुष्टि किए गए व्यावसायिक परिणाम से जोड़ें।

WhatsApp विज्ञापन, अभियान और एट्रिब्यूशन

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